14 February 2012

पत्नी- मैंने तुम्हें देखे
बिना शादी के लिए हां कर दी थी। है ना, कितनी
 हिम्मत की बात।
पति- मैंने तो तुम्हें
 देखकर भी हां कर दी थी। यह कम हिम्मत का काम
 है क्या...?

सच्चा फकीर

हद में रहे सो औलिया,  बेहद सो पीर
हद-बेहद के पार जो, वो ही सच्चा फकीर

31 December 2011

शुभकामना


नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं

27 December 2011

रोना


फकत दो चार बार का रोना हो तो रो लूं फाकिर
 मुझे हर रोज के सदमात ने रोने ना दिया
रोने वालों से कहो उनका भी रोना रो लें
जिन्हें मजबूरी-ए-हालात ने रोने न दिया

12 December 2011

क्रांतिनाद

हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

आज यह दीवार पर्दों की तरह हिलने लगी
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए

हर सड़क, हर गली में, हर नगर, हर गांव में
हाथ लहराते हुए, हर लाश चलनी चाहिए

के सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं
 मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए

और मेरे सीने में नहीं, तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए।
- स्व. दुष्यंत कुमार त्यागी